रात के ११ बज चुके थे। जयपुर के एक छोटे से मोहल्ले में, प्रिया अपनी बेडरूम में अकेली लेटी हुई थी। पति राहुल ऑफिस के काम से थककर सो चुका था, लेकिन प्रिया की आँखों में नींद नहीं थी। उसने फोन उठाया और फेसबुक खोला। स्क्रीन पर एक मैसेज की नोटिफिकेशन चमकी – "अमन" से। अमन उसका पुराना फेसबुक फ्रेंड था, जो दो साल पहले दिल्ली से जयपुर ट्रांसफर होकर आया था। शुरू में बस हल्की-फुल्की बातें होती थीं – "कैसी हो?", "आज क्या किया?", लेकिन धीरे-धीरे बातें गहरी होने लगीं। अमन की तारीफें, उसकी शिकायतें सुनना, रातों को लंबी चैट – ये सब प्रिया को वो सुकून देता था जो शादी के बाद खो सा गया था। आज अमन ने लिखा था – "प्रिया, आज तुम्हारी वो फोटो देखी... लाल साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही थीं। मन कर रहा है सच में मिल जाऊँ।" प्रिया का दिल धड़क उठा। उसने जवाब टाइप किया – "पागल हो गए हो? मैं शादीशुदा हूँ।" अमन – "जानती हो ना, दिल नहीं मानता ये बातें। तुम भी तो जानती हो कि तुम्हें भी अच्छा लगता है मेरी बातें सुनना।" प्रिया ने एक गहरी साँस ली। वो जान...